गुरुवार, 24 जून 2010

चीन की हरकतों से सावधान रहें

चीन ने भारत के खिलाफ हमेशा पाकिस्तान को उकसाने का काम किया है। भारत कभी उसकी इन हरकतों का खुलकर विरोध नहीं करता। लगता है कि इतने वर्षों बाद भी अभी हमारे मनोमस्तिष्क से 62 का डर निकला नहीं है। चीन के आक्रामक रवैये को हम चुपचाप बर्दाश्त कर जाते हैं। यह बात भारत-चीन के रिश्तों को लेकर तो देखी ही जाती है, पर जब वह हमारे पड़ोसी शत्रु देश को ऐसी मदद करता है, जो हमारे लिए बहुत खतरनाक हो सकती है, तब भी हम खामोश रह जाते हैं। चीन ने पाकिस्तान को चोरी-छिपे मिसाइल तकनीक दी, सारी दुनिया यह बात जानती है, लेकिन भारत ने उस पर खुलकर एतराज नहीं जताया। भारत ने जब परमाणु धमाका किया, तब सारी दुनिया उठ खड़ी हुई। किसी ने पाबंदी लगाई, किसी ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।

भारत का परमाणु ताकत बन जाना सबसे ज्यादा अगर किसी देश को खला तो वह पाकिस्तान था। उसने तनिक देर नहीं की और चीन की ही मदद से परमाणु बम की तकनीक हासिल कर ली। कालांतर में परमाणु ताकत के बावजूद अप्रसार के मामले में भारत की प्रामाणिकता असंदिग्ध साबित हुई लेकिन पाकिस्तान के वैज्ञानिकों द्वारा कई देशों को परमाणु तकनीक बेचे जाने के मामले सामने आये। यहां तक बातें उठीं कि पाकिस्तानी परमाणु बम के जनक कादिर साहब ने अल-कायदा के लोगों से भी इस बारे में बात की थी पर बात बनी नहीं। बात इतनी ही होती तो गनीमत थी। आज पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान आतंकवादियों के स्वर्ग के रूप में तबदील हो चुका है। दुनिया के किसी भी हिस्से में कोई आतंकवादी घटना होती है तो उसका कोई न कोई सूत्र पाकिस्तान से जुड़ा हुआ जरूर मिल जाता है।

पाकिस्तान के बड़े भूभाग पर आतंकवादियों का शासन चलता है। ऐसा पाकिस्तान परमाणु सामग्री बेचने वाले देशों से मांग करता है कि जो दर्जा भारत को दिया गया है, वह उसे भी क्यों नहीं दिया जाना चाहिए। भारत को परमाणु ईंधन निर्यात करने वाले देशों के समूह ने हरी झंडी दे रखी है। इस संबंध में अमेरिका समेत कई देशों से भारत का समझौता भी हो चुका है। परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए एनएसजी की शर्तें भारत पूरी करता है। वह एक विश्वसनीय ताकत के रूप में उभरा है। पाकिस्तान चाहता है कि उसे भी एनएसजी परमाणु सामग्री के आयात की इजाजत दे। पर वहां की राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए लगता नहीं कि उसकी मांग पूरी हो पायेगी।

चीन को इससे कोई मतलब नहीं। उसने पाकिस्तान में दो और परमाणु संयंत्र बनाने का उसे आश्वासन दे दिया है। अमेरिका के एतराज पर गौर करने के लिए चीनी नेता तैयार नहीं है और भारत आश्चर्यजनक तरीके से चुप्पी साधे हुए है। चीन की यह रणनीति भारत की सुरक्षा को चुनौती जैसी है। चीन पहले भी वहां दो परमाणु बिजलीघर बना चुका है। पाकिस्तान जिस हाल में है, वह परमाणु ईंधन की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता, अगर वह देता भी है तो उस पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। अगर आतंकवादियों के हाथ में ये सामान पड़ते हैं तो सबसे ज्यादा खतरा भारत को ही होगा। ऐसे में भारत की खामोशी समझ में नहीं आती। इतना बड़ा देश, इतना ताकतवर देश और इतना कायराना अंदाज, आख्रिर क्यों? सरकार खुल कर सामने क्यों नहीं आती? चीन कोई भारत को निगल थोड़े ही जायेगा।

6 टिप्‍पणियां:

  1. यह चुप्पी बरबाद कर देगी देश को .............दुश्मन को दुश्मन कब मानेगे हम?

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  2. सर, एक बात तो बिल्कुल सही लिखी है आपने कि 62 का डर अभी तक हमारे मन से निकला नहीं है। इसमें शक की कोई गुंजाइश ही नहीं है। दूसरी बात आपने लिखी है कि चीन भारत को निगल थोड़े ही जाएगा। यह बात आप लिख रहे हैं पर सरकार को कौन समझाए। चीन तो चीन भारत को पाकिस्तान का भी कभी मुखर होकर विरोध नहीं कर पाता। पाकिस्तान आज अगर भारत से सीना तान कर बात करता है तो इसके पीछे चीन की सोची समझी रणनीति रही है, भारत को चारो तरफ से घेरने की। चीन दक्षिण में अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहता है, जिसमें उसे भारत से कड़ी चुनौती मिल रही है। इसीलिए चीन के निशाने पर भारत रहा है। चाहे पाकिस्तान की मदद करना हो या फिर फर्जी चीनी सामान से भारत के बाजारों को पाट देना हो। इससे चीन भारत की अर्थव्यवस्था पर चोट करना चाहता है।
    एक बात और पाकिस्तान की अपनी कोई जात नहीं है वह कभी चीन के हाथों की तो कभी अमेरिका के हाथों की कठपुतली बन जाता है। देखिएगा एक दिन भारत नहीं यही देश इसे बर्बाद कर देंगे।
    बात चीन की करें तो जब तक चीन को मुंहतोड़ जवाब नहीं दिया जाएगा चीन कोई न कोई हरकत करता रहेगा। भारत को चाहिए कि इससे पहले कि चीन कोई गंभीर कार्रवाई करे भारत को अपना विरोध दर्ज करा देना चाहिए। इसी में सबका भला है।
    ब्लॉगचिंतन में मेरा ब्लॉग शामिल करने पर क्या कहूं, समझ नहीं पा रहा। दरअसल शब्द नहीं मिल रहे हैं।

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  3. सीधे बने रहने से कब तक काम चलेगा ?

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  4. ६२ का डर? नही ऎसी कोई बात नही बल्कि हमारी सरकारे ही निक्म्मी आ रही है जिने देश से ज्यादा अपनी वोटो की फ़िक्र है, वरना भारत मै दम है इस चीन ओर पाकिस्तान से लडने का, ओर परमाणु बम के जनक कादिर साहब अजी नही यह कादिर खान चोर है जो परमाणु बम का नमुना होलेंड से चुरा कर भागा है

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  5. aapake vichaar pasand aaye
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