जो डरता है
वह पल-पल मरता है
बहुत डरावनी है मौत
बताकर कभी नहीं आती
चलने का न्योता नहीं देती
ताकि आदमी मन बना सके
घर वालों को समझा सके
और कोई बहुत जरूरी
काम हो तो निपटा सके
इसीलिए हर कोई
डरता है मौत से
सब कुछ जल्दी-जल्दी
कर लेना चाहता है
धन-संपदा से
घर भर लेना चाहता है
संपदा आ जाती है
तो उसकी सुरक्षा के लिए
परेशान रहने लगता है
यह जानते हुए कि
ले नहीं जायेगा
अगले जीवन के लिए
एक भी सिक्का
असफलता भी डराती है
कोई हार को गले
नहीं लगाना चाहता
कोई पीछे नहीं रहना चाहता
दुनिया की चूहा दौड़ में
आशंका रहती है
कछुआ पता नहीं
आगे निकल पाए या नहीं
अब आप समझ सकते हैं
कि लोगों को नींद
क्यों रात भर नहीं आती
सारा डर इसलिए है कि
हमने अपना काम भुला दिया है
केवल कर्म का अधिकार मिला है
आदमी को
बस वह कर्म ही नहीं करता
दिन-रात परिणाम की
चिंता में मगन रहता है
इसिलिये हर वक्त
डरता रहता है
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