मंगलवार, 6 जुलाई 2010

शुभकामनाएं कविता कोश

 कविता कोश की स्थापना का चौथा वर्ष पूरा हो गया। हिन्दी काव्य का यह ऑनलाइन कोश इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है सामूहिक प्रयासों द्वारा किसी भी कठिन और विशाल लक्ष्य को पाया जा सकता है। कविता कोश साहित्य के भविष्य का भी दर्पण है। इस कोश में संकलन के द्वारा न केवल दुर्लभ और लुप्त होती कृतियों को बचाया जा रहा है बल्कि ये कृतियाँ सर्व-सुलभ भी हो रही हैं। रचनाकार कविता कोश में अपनी रचनाओं के संकलन के बाद संतुष्टि का अनुभव करते है कि उनकी रचनाएँ समस्त विश्व में पढी़ जा सकती हैं और सुरक्षित व सुसंकलित हैं। इस तीसरे वर्ष में भी कोश तीव्र गति से आगे बढा़। अभी तक कोश में 32000 पन्ने जुड़  चुके हैं.
इस वर्ष कविता कोश टीम में संपादक श्री अनिल जनविजय ने सर्वाधिक योगदान करते हुए कोश में 10,000 पन्नें बनाने का आंकडा पार कर लिया। कोश से नए जुड़े कर्मठ योगदानकर्ता धर्मेंद्र कुमार सिंह ने तेज़ी से योगदान करते हुए 3000 से अधिक पन्नों का निर्माण किया। कविता कोश टीम के सदस्य श्री द्विजेन्द्र 'द्विज' ने ग़ज़ल और नज़्म विधा की रचनाओं को जोड़ने और उर्दू के कठिन शब्दों के अर्थ कोश में शामिल करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। प्रसिद्ध ग़ज़लकारा श्रद्धा जैन अपने पिछले वर्ष के सक्रिय योगदान को आगे बढ़ाते हुए कोश में 1000 पन्नें जोड़ने वाली सातवीं योगदानकर्ता बनीं। अन्य प्रमुख योगदानकर्ताओं में प्रदीप जिलवाने, विभा झलानी, हिमांशु पाण्डेय, राजीव रंजन प्रसाद, अजय यादव, संदीप कौर सेठी, मुकेश मानस, नीरज दइया और वीनस केशरी के नाम शामिल हैं। इन सभी योगदानकर्ताओं के श्रम के कारण ही आज कविता कोश अपने वर्तमान स्वरूप को पा सका है। इस वर्ष कविता कोश टीम ने कोश को और अधिक उन्नत और सुरुचिपूर्ण बनाने के उद्देश्य से कई नए प्रयास आरंभ किए हैं। प्रादेशिक कविता कोशों का निर्माण कार्य भी आरम्भ कर दिया गया है। सोशल नेटवर्किंग साइट फ़ेसबुक पर भी कविता कोश का अकाउंट खोला गया है. इस समय करीब 3900 व्यक्ति फ़ेसबुक के ज़रिये कविता कोश से जुड़े हैं। हिन्दी के अलावा अन्य भाषाओं के काव्य को कविता कोश में समेटने की योजना को पाँचवे वर्ष में अमली जामा पहनाने का प्रयास किया जाएगा। (कविता क़ोश से )

4 टिप्‍पणियां:

  1. श्रेष्ठ कवियों के परिचय के साथ कविताओं के संकलन का सराहनीय कार्य है कविता कोष ...
    पूरी टीम को बधाई व शुभकामनायें ..!

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  2. कविता कोश की संकल्पना क्रान्तिकारी विचार था। इसने अपने लक्ष्य को लगभग प्रप्त कर लिया है। अच्छी बात है कि यह अब अपने लक्ष्य का विस्तार करके उसे पाने की कोशिश कर रहा है।

    कविताकोश , हिन्दीसमय और हिन्दी विकिपिडिया, हिन्दी के तीन सर्वश्रेष्ट सामग्रीकोश हैं। इन तीनों का साथ-साथ विकास होता रहे और अधिकाधिक लोग इनमें योगदान करें एवं अधिकाधिक लोग इनका लाभ उठाएँ - यही शुभकामना है।

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  3. सचमुच यह खुशी की बात है। कविताकोश से जुडे सभी सदस्य इसके लिये बधायी के पात्र हैं।

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  4. कविता कोश को जन्‍मदिन पर बधाई। सचमुच कविता कोश ने महत्‍वपूर्ण जगह बना ली है। पलक झपकते हमें श्रेष्‍ठ कवियों की रचनाएं मिल जाती हैं। पर मेरा एक अनुरोध है कि इसमें फिलहाल केवल उन कवियों की रचनाएं ही शामिल की जाती हैं,जिनका कोई संग्रह प्रकाशित हो चुका है। मेरा अनुरोध है कि उनके लिए भी मौका होना चाहिए जिनका संग्रह प्रकाशित नहीं हुआ है। आशा है इस पर कविताकोश के कर्ताधर्ता ध्‍यान देंगे।

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